Ventilator Kya Hai Aur Kaise Kaam Karta Hai [ 2021 ]

वैसे Ventilator का नाम तो सभी ने पहले भी सुन रखा था लेकिन जब कोरोना Pandemic का दौर आया तो बच्चा-बच्चा यह समझने लग गया कि Ventilator Kya Hai और ये किस तरीके से आपकी जान बचा सकता है तो इस Life Saving Device ने पूरी दुनिया में बहुत से कोरोना मरीजों की जान भी बचाई है और इस दौर में सबसे ज्यादा Demand भी इसी Ventilator की ही रही है।

तभी तो बड़े स्तर पर इसका Production किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। ऐसे में आपको भी Ventilator के बारे में ज्यादा जानकारी ले लेनी चाहिए ताकि आप जान पाएं कि एक Ventilator कैसे काम करता है और इसकी जरूरत कब पड़ती है।

इसीलिए आज की इस पोस्ट में हम आपके साथ शेयर करने वाले हैं कि एक Ventilator कैसे काम करता है और यह किस तरह से लोगों की जान बचाने में कारगर साबित हुआ है। तो पूरी Detail के साथ Ventilator के बारे में जानते हैं।

Ventilator Kya Hai – What is Ventilator in Hindi ?

Ventilator Kya Hai Aur Kaise Kaam Karta Hai [ 2021 ]

एक Medical Ventilator ऐसे मरीजों की जान बचाने में मदद करता है जो सही तरह से सांस नहीं ले पाते हैं या जिनके लिए खुद सांस ले पाना पॉसिबल नहीं रह पाता।

ये तो आप जानते ही है कि हमारी सांस लेने की प्रक्रिया Lungs से जुड़ी होती है। Lungs की बदौलत ही हमारी बॉडी को फ्रेश ऑक्सीजन मिलती है और लंग्स कार्बनडाई आक्साइड और दूसरी Waste गैस को हमारी बॉडी से बाहर निकालने का काम भी करते हैं।

ये भी आप अच्छे से जान चुके हैं कि कोरोना वायरस Lungs पर अटैक करता है जिसे सीरियस कंडीशन में Lungs ठीक से काम नहीं कर पाते हैं।

ऐसे में ये मशीन Lungs की मदद करती है यानी Ventilator की मदद से Breathing Problems को ठीक किया जा सकता है।

Ventilator को Respiratory Breathing Machine और Mechanical ventilation भी कहा जाता है। ये Ventilator lugs में Air Push करते हैं और इसी में ऑक्सिजन का लेवल बढ़ा हुआ होता है।

Ventilator में Humidity Fire भी होता है जो Air Supply में Heat और Moisture को भी Add कर देता है ताकि ये Air Patient के Body Temprature से Match कर सके जो Patients के Blood में इनपर ऑक्सिजन नहीं पहुंच पाती है और उसके लिए सांस लेना बहुत ही मुश्किल हो जाता है तब उसे Mechanical ventilator पर रखा जाता है।

इस Condition को Respiratory failure भी कहा जाता है। Doctor ventilator को इस तरीके से Set करते हैं जैसे ये Machine Patient के Lungs में हवा भेजे।

Ventilator से लंग्स में आक्सीजन पहुंचाने के लिए Patient को Mask भी पहनाया जा सकता है लेकिन अगर पेशंट की कंडीशन बहुत सीरियस हो तो उसे Breathing tube की जरूरत पड़ती है।

इसके लिए मुंह या नाक के जरिए एक Endotracheal tube पेशंट के Wind Pipe यानी Trachea में insert की जाती है। इस ट्यूब के इस्तेमाल के दौरान पेशंट बात नहीं कर सकता और ना ही कुछ खा सकता है।

Trachea stormy Tube की मदद से Patient बहुत मुश्किल से थोड़ी सी बात कर सकता है और कुछ खा सकता है।

Ventilator Pressure का use करके Oxygen युक्त air lungs में पहुंचाता है और Carbon dioxide को बॉडी से बाहर निकालता है।

Patient का exhale करना यानि की सांस छोड़ना भी बहुत जरूरी होता है क्योंकि Co2 बाहर न निकले तो पेशेंट के और Organs को Damage कर सकती है।

ये Normal breathing process की तरह ही होता है लेकिन क्योंकि पेशंट को लेने में दिक्कत आती है इसलिए वेंटिलेटर उसे सांस लेने और सांस छोड़ने के प्रोसेस में मदद करता है।

Ventilator पर रहने वाले Patient के Heart rate, blood pressure, respiratory rate, oxygen saturation, chest x-ray या Scan और Blood Test के लिए दूसरे Medical Equipments की जरूरत भी पड़ती है।

Ventilator operation के प्रेशर और Exploration levels को Maintain  करने के लिए Close भी Moniter किया जाता है।

कुछ Patients को Short term care के लिए Ventilator की जरूरत पड़ती है जबकि कई patients को Long term के लिए ventilator पर रखना पड़ता है।

Ventilator को work करने के लिए Electercity की जरूरत पड़ती है लेकिन कुछ Ventilator battery से भी चलते हैं।

Mechanical ventilators Mainly Hospitals में use किए जाते हैं और Ambulance जैसे Transport system में use होते हैं।

कुछ Cases में इनका यूज घर पर भी किया जा सकता है जो patients की बीमारी Long term की हो और मरीज को जिस घर में रखा गया हो उसमें सभी Resources उपलब्ध हों।

Ventilator की जरूरत सर्जरी के दौरान भी हो सकती है और सर्जरी से रिकवर होने के दौरान भी इसकी जरूरत हो सकती है। इसके अलावा भी कुछ Health Problems होने पर Ventilator की जरूरत पड़ती है।

Ventilator से कौन-कौन सी Health Problems हो सकती हैं?

जैसे Upper spinal cord injury, stroke, premature lung development in babies, polio, pneumonia, lung infection, drug overdose, chronic obstructive pulmonary disease ie COED, collapsed lung, brain injury and coma तो Ventilator एक Life Saving Machine तो है ही लेकिन अगर पेशेंट को लंबे टाइम तक इस मशीन पर रखा जाए तो बहुत से Health Issues भी हो सकते हैं जैसे Pneumonia जो वेंटिलेटर से होने वाली सबसे कॉमन और Most serious problem में से एक है।

Breathing Tube की वजह से पेशंट खांस नहीं पाता है जिससे Air way में Germs Infection का खतरा बढ़ जाता है। निमोनिया के अलावा Sinus infection भी Ventilator से होने वाला Risk है।

ये रिस्क उन पेशंट में ज्यादा कॉमन होता है जिनके endotracheal tube लगाई जाती है। इसके अलावा वेंटिलेटर पर लॉन्ग टर्म तक रहने से ये सारी प्रॉब्लम्स भी आ सकती है।

जैसे कि Blood Clot, Muscle Weakness, Vocal Cord Damage, Pneumothorax, Lung Damage, Skin Infection और Atlantis यानी ऐसी कंडीशन जिसमें लंग्स पूरी तरीके से expand नहीं हो पाते हैं।

Conclusion

तो दोस्तो अब आप जान गए होंगे कि Ventilator एक ऐसी Life Saving Machine है जो Babies, Children और Adults के इलाज में Support का एक बहुत ही इम्पॉर्टेंट पार्ट होता है और इसका कितना यूज किया जाना है ये पेशेंट की कंडीशन पर डिपेंड करता है।

वैसे इस मशीन के बारे में जानने के बाद भगवान न करे हमारा कभी इससे पाला पड़े तो बस इस Pendemic के टाइम में हमें सिर्फ इतना ही ध्यान रखना है कि हम अपना और अपनी फॅमिली का ध्यान रखे।

Social Distancing रखें, बार-बार हाथों को क्लीन करते रहे और मास्क का यूज करें और साथ ही जो भी गवर्मेंट के द्वारा आपको Guidelines दी जा रही हैं उन्हें भी फॉलो करें। क्योंकि इस टाइम अपनी जान बचाना सबसे ज्यादा जरूरी है।

तो दोस्तो कैसी लगी ये (Ventilator kya hai) पोस्ट हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे अपने सोशल Media Handles पर भी जरूर शेयर करें ताकि आपके बाकी दोस्तों को भी Ventilator के बारे में जानकारी मिल सके।

Thank you for reading 🙂

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