Diploma Kya Hai और Diploma Course करने के बाद अच्छी Job कैसे पाएं।

आज की इस पोस्ट में हम Diploma के बारे में बात करने वाले है कि आखिर ये Diploma Kya Hai और इसकी क्या आवश्यकता होती है।

देखो भई हमने तुम्हारे बच्चे को Diploma Course करवा दिया। अरे क्या तुम भी डिप्लोमा विप्लोमा कर लो कुछ तो काम में ही जाएगा।

वैसे आपने अक्सर अपने आस पास लोगों के मुंह से डिप्लोमा नाम का ये शब्द जरूर सुना होगा और इस वर्ड को लेकर के काफी सारी एडवाइस भी आपने सुनी होगी।

तो चलिए ये जानते हैं कि आपको ये एडवाइस फॉलो करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए और सबसे पहला सवाल है कि आखिर Diploma Kya Hai या डिप्लोमा किस खेत की मूली है।

Diploma Kya Hai

Diploma Kya Hai

चलिए सबसे पहले इसी सवाल का आंसर जानते है कि आखिर डिप्लोमा है क्या?

चूंकि हम सभी अच्छी एजुकेशन लेना चाहते हैं अच्छे से अच्छे और बड़े से बड़े स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनना चाहते हैं ताकि हमारी एजुकेशन का जो स्तर है वो काफी अच्छा हो।

हमें बढ़िया से बढ़िया जॉब ऑप्शन मिले और हो सके तो हम खुद का एक बढ़िया बिजनेस शुरू करने के लायक बन जाएं।

इतनी सारी उम्मीदें हैं इसके लिए हम बहुत सोचते हैं बहुत सारे नए-नए कोर्सेस के बारे में जानते हैं बहुत से सब्जेक्ट्स और कोर्सेस को कंपेयर भी करते हैं ताकि हम वो चूज कर सके जो हमारे लिए परफेक्ट ऑप्शन साबित हो।

ऐसा ऑप्शन जो हमें प्रोग्रेस दिलाए सक्सेस दिलाए। लेकिन अगर आप भी किसी सब्जेक्ट में डिग्री लेने तक की जानकारी ही रखते हैं तो आपको Diploma के बारे में भी जरूर जानना चाहिए क्योंकि किसी सब्जेक्ट में डिप्लोमा करने से भी आप बहुत जल्दी ही अच्छी जॉब ऑप्शन पा सकते हैं।

तो ऐसे में आज की इस पोस्ट में आपके लिए मैं लेकर आया हूँ डिप्लोमा से जुड़ी सारी छोटी बड़ी, इधर उधर की सारी जानकारियां जैसे कि:-

  • Diploma Kya Hai
  • Diploma क्यों करना चाहिए?
  • Diploma की डिग्री कैसे मिलती है?
  • Diploma में क्या Differences है और भी बहुत सारे जरूरी सवाल।

तो चलिए शुरू करते हैं और आपको बताते हैं Diploma के बारे में। डिप्लोमा किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी के द्वारा दिया गया ऐसा सर्टिफिकेट होता है जो बताता है कि डिप्लोमा होल्डर ने इस सब्जेक्ट में पढ़ाई पूरी कर ली है।

डिप्लोमा किसी भी सब्जेक्ट में लिया जा सकता है और इसके लिए सब्जेक्ट चुनने का जो आप्शन है वो भी वैसा ही होता है जैसा डिग्री के लिए सब्जेक्ट चुनने का होता है यानि जिस कॉलेज यूनिवर्सिटी से आप डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं उसके प्रॉस्पेक्ट्स को देख करके आप अपना सब्जेक्ट चुन सकते हैं।

आप चाहे तो कंप्यूटर ऑपरेटर का डिप्लोमा कर सकते हैं या इलेक्ट्रिकल में डिप्लोमा कर सकते हैं।

किस सब्जेक्ट में डिप्लोमा करना आपके लिए फायदेमंद होगा ये चूज करने के बाद आप उस सब्जेक्ट में आसानी से डिप्लोमा कर सकते हैं।

डिप्लोमा करते टाइम आपको अपने इंट्रेस्ट का ध्यान रखना बहुत जरूरी है यानि कि जिस किसी फील्ड में आप अपना करियर बनाना चाहते हैं उसे ध्यान में रखते हुए डिप्लोमा का सब्जेक्ट चुनें।

डिप्लोमा क्या होता है ये जानने के बाद अब जानते हैं कि डिग्री और डिप्लोमा में अंतर क्या होता है?

Degree और Diploma में अंतर क्या होता है?

किसी भी सब्जेक्ट में मास्टर डिग्री एमफिल या पीएचडी करने के लिए ग्रैजुएशन की डिग्री कंपल्सरी होती है।

Right यानी अगर आप हाई एजुकेशन लेना चाहते हैं तो आपके पास डिग्री होना जरूरी है।

डिग्री कोर्स में हर सब्जेक्ट की डीप स्टडी कराई जाती है ताकि स्टूडेंट को सब्जेक्ट से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी मिल सके और उस सब्जेक्ट का एक्सपर्ट बन सके।

इसलिए डिग्री कोर्स पूरा करने में समय भी ज्यादा लगता है यानी दो से चार तक का टाइम।

जहां तक डिप्लोमा की बात है तो डिप्लोमा कोर्स में किसी स्पेशल सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है। इसकी ड्यूरेशन कम होती है और इस दौरान किसी बिजनेस या प्रोफेशन के बारे में जानकारी दी जाती है।

इसमें कुछ दिन जॉब, वर्क या इंटर्नशिप भी कराई जा सकती है। यह सब्जेक्ट पर डिपेंड करता है। कुछ डिप्लोमा कोर्स छह महीने में पूरे हो जाते हैं जबकि कई डिप्लोमा कोर्सेस एक या दो साल के होते हैं।

डिप्लोमा कर लेने के बाद आप रिलेटेड सब्जेक्ट में जॉब के लिए आसानी से अप्लाई कर सकते हैं।

डिप्लोमा कोर्स की खासियत ये है कि आप 8th क्लास के बाद भी डिप्लोमा कर सकते हैं और हाई एजुकेशन के बाद भी डिप्लोमा किया जा सकता है।

यानी अगर आप सिर्फ 8वीं तक ही पढ़ पाए हैं और आगे नौकरी करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने समझ और इंट्रेस्ट के बेस पर ऐसे सब्जेक्ट में डिप्लोमा कर सकते हैं जिससे कि आपको जॉब मिल सके।

जैसे कि वायरमैन, कारपेंटर, पैर्टन मेकर, प्लास्टिक प्रिंटिंग, ऑपरेटर आदि सब्जेक्ट्स तो इसी तरीके से 10th लेवल की एजुकेशन के बाद कमर्शल आर्ट, डीजल मैकेनिक, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, टूल एंड डाई मेकर जैसे कितने ही सब्जेक्ट्स में से खुद के लिए परफेक्ट ऑप्शन चूज किया जा सकता है।

और अगर आप ट्वेल्थ के बाद डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट और स्टेनोग्राफी जैसे बहुत से ऑप्शन मिलते हैं।

इसके अलावा भी अलग अलग एजुकेशन लेवल के अनुसार डिप्लोमा कोर्स के सब्जेक्ट्स आपको मिल सकते हैं जैसे कि एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स, बेकर एंड कन्फेक्शनर, डेस्कटॉप पब्लिशिंग ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, इंस्टूमेंट मकैनिक, मेट्रोलॉजी एंड इंजिनियरिंग इंस्पेक्शन, मकैनिक कंप्यूटर हार्डवेयर और भी बहुत कुछ।

तो अब आप ये तो जान चुके हैं कि डिप्लोमा डिग्री के कंपैरिजन में शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम में कम्प्लीट हो जाता है और इसमें किसी प्रोफेशनल सब्जेक्ट की ऐसी नॉलेज दी जाती है जिससे डिप्लोमा पाते ही आप फील्ड में काम कर सकें।

लेकिन अभी ये जानना बाकी है कि बीते कुछ सालों में डिप्लोमा के प्रति जो क्रेज बढ़ा है उसका रीजन क्या है।

यानि डिप्लोमा में ऐसी क्या खास क्वालिटीज है जो हर स्टूडेंट को अपनी तरफ अट्रैक्ट कर रही है। इसीलिए अब जानते हैं स्पेशल फीचर्स ऑफ़ डिप्लोमा।

Special features of Diploma

डिप्लोमा होल्डर्स को जॉब मिलने के चांसेस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। जी हां डिग्री कोर्स में जहां थ्योरिटिकल नॉलेज दी जाती है वहीं डिप्लोमा पूरी तरीके से प्रैक्टिकल होता है।

यानि डिप्लोमा के दौरान आप में उन स्किल्स को डेवलप कराया जाता है जिनकी आपको जॉब के दौरान जरूरत होगी।

इसका फायदा आपको जॉब इंटरव्यू में मिलता है और जॉब के लिए सेलेक्ट होने के आपके चांसेस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं तो ये काफी अच्छा बेनेफिशियल पॉइन्ट है मुझे ऐसा लगता है।

वैसे शुरुआत में ना आप अच्छा कमा सकते हैं ये सेकिंड पॉइंट है। अगर आपने अपने इंट्रेस्ट के सब्जेक्ट में डिप्लोमा कर लिया है और आप फ्रेशर हैं तो जॉब के दौरान आपके स्किल्स शुरू में भी आपको अच्छी सैलरी दिला सकती है इसमें कोई शक नहीं है।

चलिए अब बात करते है Diploma course की ड्यूरेशन के बारे में।

Diploma course करने में कितना समय लगता है?

तो डिप्लोमा करने के लिए आपको बहुत साल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि एक से दो साल के अंदर ही डिप्लोमा कंप्लीट हो जाता है।

हालांकि इंजीनियरिंग से जुड़े सब्जेक्ट्स में डिप्लोमा करने में तीन साल का टाइम लग जाता है लेकिन बहुत से डिप्लोमा कोर्सेस तो एक साल से भी कम टाइम में यानी 6 Months में ही पूरे हो जाते हैं।

ये पूरी तरह से आपके सब्जेक्ट पर डिपेंड करता है और कुछ हद तक उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी पर जिससे आप डिप्लोमा कोर्स कर रहे हैं डिप्लोमा खर्चा कम और प्रॉफिट ज्यादा देता है।

जी हां डिप्लोमा कोर्स करने में जितना खर्चा आता है उससे कहीं ज्यादा तो आप अपनी जॉब से कमा लेते हैं।

इसलिए डिप्लोमा कोर्सेस बहुत ही बेनेफिशियल नजर आते हैं। डिप्लोमा कोर्स की फ्लेक्सिबिलिटी की बात करें तो डिप्लोमा करने के लिए आपको पूरे साल का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती क्योंकि डिप्लोमा कोर्स के लिए अक्सर साल में कई बार अप्लाई किया जा सकता है।

और खास बात तो ये है कि बहुत से कॉलेजेस डिप्लोमा ऑनलाइन कराने की सुविधा भी देते हैं। इसके अलावा आप पार्ट टाइम में भी डिप्लोमा कर सकते हैं तो इस तरीके से डिप्लोमा कोर्सेस के बेनिफिट्स जानने के बाद आप समझ गए होंगे कि कम टाइम में ज्यादा स्किल्स डेवलप करना जॉब के लिए तैयार करना और फ्लेक्सिबल लर्निंग कंडीशंस देना डिप्लोमा की कुछ स्पेशल क्वालिटीज है।

लेकिन अगर आप डिग्री कोर्स से कंपेयर करके डिप्लोमा को सिर्फ इसलिए जानना चाहेंगे कि इसमें टाइम बहुत कम लगता है तो ऐसा बिल्कुल ना करें क्योंकि आपको डिग्री कोर्स करना चाहिए या डिप्लोमा।

ये पूरी तरीके से इस बात पर डिपेंड करता है कि आपकी क्वालिफिकेशन क्या है। सिचुएशन क्या है। लाइफ का पर्पस क्या है और गोल्स क्या है इसलिए सोच समझ करके अपने लिए जो बेस्ट है वही चुनें और चुनने से पहले अपनी रिसर्च पूरी करे।

इन्हें भी पढ़ें:-

Conclusion

तो दोस्तो अब डिप्लोमा से जुड़ी सारी जानकारी आपके पास है और मैं उम्मीद है कि मेरी ये कोशिश आपको जरूर पसंद आई होगी।

डिप्लोमा कोर्स से जुड़ी इस जानकारी को समझना भी आपके लिए काफी आसान रहा होगा तो आपको जानकारी मिली है तो प्लीज अपने दोस्तों और जिनको इसकी जरूरत है उनको यह [ Diploma Kya Hai ] पोस्ट शेयर करना बिल्कुल ना भूलें।

Thank you for reading

You may also like...